"आज तक हम ये समझ ही नही पाये....
कि हमने उसे
खोया....
या उसने हमे खो दिया.......!!
मत इंतज़ार कराओ हमे इतना कि वक़्त के फैसले पर अफ़सोस हो जाये....
क्या पता कल तुम लौटकर आऔ, और हम खामोश हो जाएँ .... !!
कि हमने उसे
खोया....
या उसने हमे खो दिया.......!!
मत इंतज़ार कराओ हमे इतना कि वक़्त के फैसले पर अफ़सोस हो जाये....
क्या पता कल तुम लौटकर आऔ, और हम खामोश हो जाएँ .... !!
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