किसी से न कहना मेरे तिल तिल मारने की वजह तुम हो
मेरे जिस्म पे जो घाव लगे हैं उन घावों को देने वाले भी तुम हो
मैं कैसे कह दूं दुनिया से तुम ही वो रकीब हो जिसने मुझे गम दिए
क्योंकि इन ज़ख्मो पे जो लगेगा वो मरहम भी तो तुम ही हो।
मेरे जिस्म पे जो घाव लगे हैं उन घावों को देने वाले भी तुम हो
मैं कैसे कह दूं दुनिया से तुम ही वो रकीब हो जिसने मुझे गम दिए
क्योंकि इन ज़ख्मो पे जो लगेगा वो मरहम भी तो तुम ही हो।
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