Thursday, December 4, 2014

tu khuda nhi pr

तेरा ज़िक्र,, तेरी फिक्र,, तेरा एहसास,, तेरा ख़याल,,

तू ख़ुदा नहीं फिर हर जगह मौजूद क्यूँ है...?

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